दिवाली पर कैश गिफ्ट मिलने पर कितना पैसा रहेगा टैक्स-फ्री? जानिए ₹50,000 और ₹2 लाख से जुड़े इनकम टैक्स के जरूरी नियम

दिवाली खुशियों, रोशनी और अपनों के साथ त्योहार मनाने का अवसर है। इस दौरान लोग एक-दूसरे को मिठाइयां, कपड़े और कई तरह के उपहार देते हैं। इनमें नकद पैसे यानी कैश गिफ्ट देने की परंपरा भी काफी लोकप्रिय है। माता-पिता, भाई-बहन, रिश्तेदारों, दोस्तों, सहकर्मियों और पड़ोसियों से दिवाली पर पैसे मिलना आम बात है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली पर मिलने वाला कैश गिफ्ट इनकम टैक्स के दायरे में भी आ सकता है?

दरअसल, भारत के आयकर कानून के तहत किसी व्यक्ति को मिलने वाले पैसों पर टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि पैसा किसने दिया है, पूरे टैक्स वर्ष में कुल कितने रुपये मिले हैं और भुगतान किस तरीके से किया गया है।

इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत कुछ निर्धारित रिश्तेदारों से मिलने वाले कैश गिफ्ट पर आमतौर पर कोई टैक्स नहीं लगता, चाहे रकम कितनी भी हो। वहीं, दोस्तों, सहकर्मियों, पड़ोसियों और अन्य गैर-रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट की कुल कीमत यदि एक टैक्स वर्ष में ₹50,000 से ज्यादा हो जाती है, तो पूरी रकम टैक्स के दायरे में आ सकती है।

इसके अलावा, ₹2 लाख या उससे अधिक की रकम फिजिकल कैश में प्राप्त करने पर भी कुछ विशेष परिस्थितियों में कानूनी पाबंदी है। यह नियम तब भी लागू हो सकता है, जब गिफ्ट देने वाला आपका करीबी रिश्तेदार हो और उस गिफ्ट पर इनकम टैक्स न लगता हो।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इस दिवाली आपको कितना कैश गिफ्ट मिल सकता है और किन परिस्थितियों में टैक्स देना पड़ सकता है।

दिवाली पर कैश गिफ्ट मिलने पर कितना पैसा रहेगा टैक्स-फ्री? जानिए ₹50,000 और ₹2 लाख से जुड़े इनकम टैक्स के जरूरी नियम

दिवाली पर कितना कैश गिफ्ट मिल सकता है टैक्स-फ्री?

दिवाली पर मिलने वाले कैश गिफ्ट पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि पैसे देने वाला व्यक्ति आपका रिश्तेदार है या गैर-रिश्तेदार।

इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के सेक्शन 92(2)(m) के तहत, जो पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 56(2)(x) के समान है, गैर-रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट की कुल कीमत एक टैक्स वर्ष में ₹50,000 तक होने पर आमतौर पर कोई टैक्स नहीं लगता।

हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना बेहद महत्वपूर्ण है।

यदि पूरे टैक्स वर्ष में ऐसे गैर-रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट की कुल कीमत ₹50,000 से अधिक हो जाती है, तो सिर्फ अतिरिक्त रकम पर नहीं, बल्कि पूरी रकम पर टैक्स लग सकता है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए आपको दिवाली पर:

  • एक दोस्त से ₹20,000 मिले।

  • एक सहकर्मी से ₹15,000 मिले।

  • एक पड़ोसी से ₹20,000 मिले।

इस तरह आपको कुल ₹55,000 मिले।

चूंकि यह रकम ₹50,000 की निर्धारित सीमा से अधिक है, इसलिए पूरे ₹55,000 को टैक्स के दायरे में शामिल किया जाएगा।

यानी आपको सिर्फ अतिरिक्त ₹5,000 पर टैक्स नहीं देना होगा, बल्कि पूरी ₹55,000 की रकम टैक्सेबल हो सकती है।

ध्यान रखें कि ₹50,000 की यह सीमा हर गिफ्ट या हर व्यक्ति के हिसाब से अलग-अलग नहीं होती। यह पूरे टैक्स वर्ष में मिलने वाले संबंधित गिफ्ट की कुल रकम पर लागू होती है।

क्या माता-पिता और भाई-बहनों से मिलने वाला दिवाली गिफ्ट टैक्स-फ्री है?

इस मामले में राहत की बात यह है कि निर्धारित रिश्तेदारों से मिलने वाले कैश गिफ्ट पर आमतौर पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता, चाहे रकम कितनी भी बड़ी क्यों न हो।

उदाहरण के लिए, यदि आपके माता-पिता आपको ₹1 लाख, आपका भाई ₹50,000 और आपके दादा-दादी ₹1 लाख दिवाली पर गिफ्ट देते हैं, तो इन पैसों पर सामान्यतः गिफ्ट संबंधी प्रावधानों के तहत टैक्स नहीं लगेगा।

इनकम टैक्स कानून में कुछ रिश्तों को निर्धारित रिश्तेदारों की श्रेणी में रखा गया है।

इसमें शामिल हैं:

  • पति या पत्नी।

  • भाई या बहन।

  • पति या पत्नी के भाई-बहन।

  • माता-पिता के भाई या बहन।

  • स्वयं के सीधे वंशज और पूर्वज।

  • पति या पत्नी के सीधे वंशज और पूर्वज।

  • ऊपर बताए गए रिश्तेदारों के पति या पत्नी।

आसान भाषा में समझें तो माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी, नाना-नानी, बच्चे और अन्य निर्धारित पारिवारिक रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट पर आमतौर पर टैक्स नहीं लगता।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आप उनसे कितनी भी रकम फिजिकल कैश में ले सकते हैं। इसके लिए आयकर कानून में अलग नियम बनाया गया है।

क्या दिवाली पर ₹2 लाख या उससे ज्यादा कैश गिफ्ट मिल सकता है?

यह एक ऐसा नियम है, जिसे समझना हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है जो दिवाली पर बड़ी रकम का लेन-देन करता है।

₹50,000 की गिफ्ट टैक्स सीमा के अलावा, इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के सेक्शन 186 में ₹2 लाख या उससे अधिक की रकम फिजिकल कैश में प्राप्त करने पर कुछ परिस्थितियों में प्रतिबंध लगाया गया है।

यह प्रावधान पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 269ST के समान है।

इसके तहत किसी व्यक्ति को ₹2 लाख या उससे अधिक की रकम कैश में प्राप्त नहीं करनी चाहिए, यदि:

1. एक ही व्यक्ति से एक दिन में: किसी एक व्यक्ति से एक दिन में कुल ₹2 लाख या उससे अधिक कैश प्राप्त किया जाता है, भले ही पैसे कई अलग-अलग किस्तों में मिले हों।

2. एक ही ट्रांजैक्शन के लिए: किसी एक लेन-देन के संबंध में ₹2 लाख या उससे अधिक की रकम कैश में प्राप्त की जाती है।

3. एक ही आयोजन या अवसर के लिए: किसी एक व्यक्ति से एक ही आयोजन या अवसर से जुड़े लेन-देन के संबंध में ₹2 लाख या उससे अधिक कैश प्राप्त किया जाता है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए आपके पिता आपको दिवाली पर ₹3 लाख गिफ्ट देना चाहते हैं।

इनकम टैक्स के गिफ्ट संबंधी नियमों के अनुसार, पिता से मिलने वाला यह गिफ्ट टैक्स-फ्री हो सकता है। लेकिन यदि आप पूरी रकम फिजिकल कैश में लेते हैं, तो यह ₹2 लाख वाली पाबंदी का उल्लंघन हो सकता है।

इस नियम का उल्लंघन करने पर इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के सेक्शन 451 के तहत प्राप्त की गई प्रतिबंधित रकम के बराबर जुर्माना लग सकता है। यह पुराने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 271DA के समान है।

इसलिए बड़ी रकम का गिफ्ट देते या लेते समय बैंकिंग माध्यमों का इस्तेमाल करना बेहतर है।

आप NEFT, RTGS, IMPS, UPI या चेक के जरिए पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।

दोस्तों और सहकर्मियों से मिलने वाले दिवाली गिफ्ट पर कितना टैक्स लगेगा?

परिवार के निर्धारित रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट की तुलना में दोस्तों, सहकर्मियों, पड़ोसियों और अन्य गैर-रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट के नियम अलग हैं।

ऐसे लोगों से मिलने वाले गिफ्ट की कुल कीमत यदि एक टैक्स वर्ष में ₹50,000 से अधिक हो जाती है, तो पूरी रकम टैक्सेबल हो सकती है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए आपको दिवाली पर दोस्तों और सहकर्मियों से कुल ₹60,000 कैश गिफ्ट मिलता है।

चूंकि यह रकम ₹50,000 की सीमा से अधिक है, इसलिए पूरी ₹60,000 की रकम टैक्स के दायरे में आएगी।

इस रकम को आपकी कुल आय में 'अन्य स्रोतों से आय' (Income from Other Sources) के तहत जोड़ा जाएगा।

इसके बाद आपकी कुल टैक्सेबल इनकम और लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स की गणना होगी।

इसका मतलब यह नहीं है कि आपको गिफ्ट की रकम पर एक निश्चित प्रतिशत टैक्स देना होगा। आपको कितना टैक्स देना पड़ेगा, यह आपकी कुल आय और चुने गए टैक्स रिजीम पर निर्भर करेगा।

इस दिवाली कैश गिफ्ट लेते समय किन बातों का रखें ध्यान?

दिवाली पर कैश गिफ्ट स्वीकार करने से पहले कुछ जरूरी बातों को समझना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

सबसे पहले यह देखें कि गिफ्ट देने वाला व्यक्ति आपका निर्धारित रिश्तेदार है या गैर-रिश्तेदार। रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट आमतौर पर टैक्स-फ्री होते हैं, जबकि गैर-रिश्तेदारों से एक टैक्स वर्ष में ₹50,000 से अधिक के संबंधित गिफ्ट मिलने पर पूरी रकम टैक्सेबल हो सकती है।

दूसरी महत्वपूर्ण बात ₹2 लाख वाली कैश लिमिट है। भले ही आपको यह रकम किसी रिश्तेदार से मिली हो और गिफ्ट पर इनकम टैक्स न लगता हो, फिर भी निर्धारित परिस्थितियों में ₹2 लाख या उससे अधिक फिजिकल कैश प्राप्त करने पर जुर्माना लग सकता है।

इसलिए बड़ी रकम के गिफ्ट के लिए बैंक ट्रांसफर, NEFT, RTGS, IMPS, UPI या चेक जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करना बेहतर है।

इसके अलावा, बड़े गिफ्ट से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड भी अपने पास रखें। इनमें गिफ्ट देने वाले व्यक्ति का नाम, उससे आपका रिश्ता, मिली हुई रकम और ट्रांजैक्शन की जानकारी शामिल हो सकती है।

बैंक स्टेटमेंट, गिफ्ट डिक्लेरेशन या अन्य संबंधित दस्तावेज भविष्य में पैसों के स्रोत को समझाने में मदद कर सकते हैं।

निष्कर्ष

दिवाली पर अपनों से पैसे गिफ्ट में मिलना खुशी की बात है, लेकिन इनकम टैक्स के नियमों की जानकारी होना भी उतना ही जरूरी है।

बस तीन बातें याद रखें:

  • निर्धारित रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट आमतौर पर कितनी भी रकम के हों, टैक्स-फ्री होते हैं।

  • गैर-रिश्तेदारों से मिलने वाले संबंधित गिफ्ट की कुल रकम ₹50,000 से अधिक होने पर पूरी रकम टैक्सेबल हो सकती है।

  • एक व्यक्ति से निर्धारित परिस्थितियों में ₹2 लाख या उससे अधिक फिजिकल कैश प्राप्त करने पर जुर्माना लग सकता है।

इसलिए इस दिवाली बड़ा कैश गिफ्ट लेने या देने से पहले इन नियमों को जरूर समझ लें। थोड़ी सी सावधानी आपको भविष्य में टैक्स संबंधी परेशानियों से बचा सकती है और त्योहार की खुशियों को बरकरार रख सकती है।

नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी विशेष लेन-देन या व्यक्तिगत टैक्स स्थिति के लिए योग्य टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

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